पांच हजार की रिश्वत लेते हुए पटवारी रंगे हाथ पकड़ा,लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई।
7 एकड़ जमीन के नामांतरण के लिए मांगी थी घूस
एंकर= गोटेगांव नगर में लोकायुक्त द्वारा बड़ी कार्यवाही की गई यहाँ जमीन के नामांतरण के एवज में रिश्वत ले रहे एक हल्का पटवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। लोकायुक्त की इस अचानक हुई कार्रवाई से गोटेगांव तहसील के राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है। कई अधिकारी और कर्मचारी कार्रवाई की भनक लगते ही दफ्तरों से खिसकते नजर आए।
7 एकड़ जमीन के नामांतरण के लिए मांगी थी घूस
लोकायुक्त पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मामले के शिकायतकर्ता संदीप कुमार हैं। संदीप कुमार गोटेगांव तहसील के ग्राम पड़रिया (पोस्ट गजे) के निवासी हैं। संदीप की माताजी ममता देवी ने 29 अप्रैल 2026 को ग्राम मुआर में करीब 7 एकड़ कृषि भूमि खरीदी थी।
इस खरीदी गई जमीन का नामांतरण कराने और सरकारी रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए संदीप ने हल्का नंबर-41 (ग्राम मुरदई) के पटवारी घनश्याम गढ़वाल से संपर्क किया था। हालांकि, पटवारी घनश्याम गढ़वाल इस जायज काम को करने के बदले आवेदक से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। पटवारी साफ कह चुका था कि बिना पैसे दिए फाइल आगे नहीं बढ़ेगी।
लोकायुक्त एसपी से की थी शिकायत, 5 हजार में तय हुआ था सौदा।
पटवारी द्वारा लगातार की जा रही पैसों की मांग से परेशान होकर आवेदक संदीप कुमार ने हार नहीं मानी। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाते हुए पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज करा दी।
शिकायत मिलते ही लोकायुक्त की टीम सक्रिय हो गई। टीम ने सबसे पहले मामले का बेहद गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया। इस जांच में पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की बात पूरी तरह सच साबित हुई। लोकायुक्त के सत्यापन के दौरान मोलतोल हुआ, जिसमें आरोपी पटवारी घनश्याम गढ़वाल 10 हजार रुपये की जगह 5 हजार रुपये की पहली किस्त लेने पर राजी हो गया।
निजी कार्यालय में जाल बिछाकर लोकायुक्त ने दबोचा
सोमवार को तय रणनीति के मुताबिक लोकायुक्त की टीम ने गोटेगांव में अपना जाल बिछाया। आरोपी पटवारी घनश्याम गढ़वाल ने रिश्वत की रकम देने के लिए आवेदक संदीप को टीला गोटेगांव स्थित महिंद्रा शोरूम के बगल में बने अपने निजी कार्यालय में बुलाया था।
जैसे ही संदीप ने पटवारी घनश्याम को केमिकल लगे हुए 5 हजार रुपये के नोट थमाए, वैसे ही सादे कपड़ों में पहले से वहां तैनात लोकायुक्त की विशेष टीम ने दबिश दे दी। लोकायुक्त के अधिकारियों ने पटवारी को मौके पर ही दबोच लिया। जब पटवारी के हाथ धुलवाए गए, तो केमिकल के कारण उनका रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुआ सफल ट्रैप
भ्रष्टाचार के खिलाफ यह बड़ी और सफल कार्रवाई पुलिस महानिदेशक (DGP) लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों पर की गई। इस पूरे ऑपरेशन का जमीनी स्तर पर मार्गदर्शन पुलिस महानिरीक्षक (IG) लोकायुक्त मनोज सिंह ने किया।
इस ट्रैप कार्रवाई को सफलता पूर्वक अंजाम देने वाली विशेष टीम में टीएलओ निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक जितेंद्र यादव और जबलपुर लोकायुक्त के अन्य वरिष्ठ आरक्षक व गवाह शामिल रहे। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसके अन्य ठिकानों की भी जांच की जा रही है।
गोटेगांव से शरद नेमा की रिपोर्ट।

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