कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है वही भाजपा ने राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए महेश केवट को अपना प्रत्याशी बना दिया है वर्तमान में महेश केवट मध्य प्रदेश मछुआ बोर्ड के अध्यक्ष है जिन्हें केबिनेट स्तर का दर्जा प्राप्त है कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन पूर्व में 15 वी लोकसभा की संसद सदस्य (सांसद) रह चुकी है।
मध्य प्रदेश में 3 सीटों में होने जा रहे राज्यसभा चुनाव के लिए जहां भाजपा ने पहले अपने दो प्रत्याशी तरुण चुग एवं रजनीश अग्रवाल का नामांकन भरवा दिया है जिनकी जितने की की उम्मीद पूरी है 230 विधायकों वाली सदन में भाजपा के पास 164 विधायक हैं बीजेपी को अपने पहले दो उम्मीदवारों तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को सुरक्षित जिताने के लिए 116 वोटों की जरूरत होगी।दो उम्मीदवारों को जिताने के बाद भी बीजेपी के पास 48 अतिरिक्त वोट बचेंगे। कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं।जीत के लिए जादुई आंकड़ा 58 है, जिसका मतलब है कि कांग्रेस के पास जरूरत से 6 वोट ज्यादा हैं।यदि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट रहते हैं, तो मीनाक्षी नटराजन आसानी से चुनाव जीत जाएंगी। लेकिन अगर कांग्रेस के 7 या उससे ज्यादा विधायक क्रॉस वोटिंग कर देते हैं या वोटिंग से अनुपस्थित रहते हैं, तभी कांग्रेस की यह तीसरी सीट खतरे में आएगी।
बीजेपी को तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए 58 के आंकड़े तक पहुंचना होगा। इसके लिए बीजेपी को (58 - 48 = 10) 10 और वोटों की जरूरत पड़ेगी।बीजेपी को अपनी तीसरी सीट जिताने के लिए 10 अतिरिक्त वोटों का जुगाड़ करना होगा। इसके लिए उसे भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के 1 विधायक के अलावा कांग्रेस के खेमे में कम से कम 9 विधायकों की क्रॉस वोटिंग करानी होगी।

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