जनसेवा एवं सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दायित्वों का निर्वहन करें अधिकारी-कर्मचारी : निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार*
समय-सीमा बैठक में लंबित प्रकरणों, विकास योजनाओं एवं विभागीय कार्यों की हुई व्यापक समीक्षा*
कटनी (4 मई)- निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि शासन की मंशानुरूप जनसेवा एवं सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्ण कार्यक्षमता, जवाबदेही एवं समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासकीय कार्यों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।सोमवार को निगम एमआईसी सभागार में आयोजित समय-सीमा बैठक के दौरान निगमायुक्त ने विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, शासन की प्राथमिक योजनाओं तथा जनहित से जुड़े कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन, टीएल प्रकरणों, पेयजल व्यवस्था, निर्माण कार्यों एवं विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर लंबित मामलों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान उपायुक्त श्री शैलेष गुप्ता, कार्यपालन यंत्री श्री सुधीर मिश्रा, श्री असित खरे, श्री अंशुमान सिंह, राजस्व अधिकारी श्री जागेश्वर पाठक सहित सहायक यंत्री, उपयंत्री एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
*जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों में लाएं गति*
प्रदेशव्यापी “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कार्यपालन यंत्री श्री सुधीर मिश्रा ने बताया कि अभियान के तहत नगर के विभिन्न वार्डों में 23 स्थलों पर सोकपिट निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त 17 से अधिक कुओं की सफाई, 620 से अधिक स्थलों पर लीकेज मरम्मत, 18 सार्वजनिक प्याऊ का संचालन एवं जल संरक्षण, नदी-तालाबों तथा घाटों की साफ-सफाई का कार्य सतत रूप से किया जा रहा है।
निगमायुक्त ने नगर के विभिन्न स्थलों पर स्थित बावड़ियों एवं कुओं की साफ-सफाई कराकर बारीक जाली लगावाने, सौंदर्यीकरण कार्य कराकर नागरिकों को वर्षा जल संचयन हेतु प्रेरित कर अभियान के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर में शुद्ध एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति बनाए रखने हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
*विकास योजनाओं की समीक्षा*
निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत 1.0 एवं 2.0 तथा आईएचएसडीपी योजना के विभिन्न घटकों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्मित एवं आवंटित भवनों, विद्युत फिटिंग कार्य, आरआरसी प्रकरणों की समीक्षा कर कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार अमृत योजना के तहत एसटीपी-1 के शेष कार्य, पाइपलाइन विस्तार एवं हाउस कनेक्शन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। आईएचएसडीपी योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को शीघ्र भवन आवंटन सुनिश्चित करने हेतु लंबित पात्रता संबंधी कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
*प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे योजनाओं का लाभ*
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त ने बैंकों को प्रेषित प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा अधिक से अधिक पात्र स्ट्रीट वेंडरों को योजना से लाभान्वित करने हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त संबल योजना, ई-केवाईसी, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।
*ट्रांसपोर्ट नगर योजना के क्रियान्वयन पर विशेष फोकस*
नगर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने हेतु पुरैनी स्थित कुशाभाऊ ठाकरे ट्रांसपोर्ट नगर योजना की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त ने शेष प्लॉटों की नीलामी प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ऐसे ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिन्हें ट्रांसपोर्ट नगर में प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं, किंतु वे अभी भी शहर के भीतर से व्यवसाय संचालित कर रहे हैं।
*फायर सेफ्टी मानकों के पालन एवं अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश*
बैठक में शहर के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, बहुमंजिला भवनों, अस्पतालों एवं शैक्षणिक संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों के पालन की समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं अधूरी हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता एवं नियमित परीक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
अवैध कॉलोनियों की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त ने बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने तथा पूर्व निर्मित अवैध कॉलोनियों में नवीन निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुव्यवस्थित शहरी विकास एवं नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है।
*विभागीय कार्यों की समीक्षा*
बैठक में लेखा शाखा, लंबित पेंशन प्रकरण, स्थापना, विद्युत, उद्यान, जलकर, वाहन, वर्कशॉप, शिक्षा विभाग, न्यायालयीन प्रकरण एवं अन्य विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निगमायुक्त ने वर्षा पूर्व जर्जर भवनों को चिन्हित कर डिस्मेंटल की कार्रवाई करने, घंटाघर से जगन्नाथ चौक मार्ग के मुआवजा प्रकरणों की जानकारी प्रस्तुत करने, मुख्य मार्गों में रोड मार्किंग एवं डिवाइडर मरम्मत कार्य कराने तथा नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही नदियों के सीमांकन, नगर विकास कार्यों में गति लाने, ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से फाइलों के संचालन, महापौर जनसुनवाई एवं संपदा शाखा के लंबित प्रकरणों के प्राथमिकता से निराकरण हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
बैठक के दौरान बाजार शाखा, संपदा शाखा एवं आईएचएसडीपी योजना से संबंधित लिपिकों द्वारा दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी निगमायुक्त द्वारा दिए गए। बैठक के दौरान नगर निगम के सभी शाखा प्रमुखों की उपस्थिति रही।



Post a Comment