कटनी। कुठला थाना क्षेत्र स्थित जेपीव्ही डीएव्ही पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में मंगलवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब स्कूल परिसर में अचानक भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और स्कूल के कंप्यूटर सेंटर सहित कई कमरों को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन स्कूल के सुरक्षा दावों की कलई पूरी तरह खुल गई है।
धुएं के गुबार से सहम गए लोग
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे स्कूल परिसर से अचानक धुएं का काला गुबार उठते देखा गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही देर में कंप्यूटर लैब में रखे कीमती उपकरण, फर्नीचर और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जलकर खाक हो गए। सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और स्कूल प्रबंधन ने फायर ब्रिगेड को सूचित किया।
दमकल विभाग की कड़ी मशक्कत
आगजनी की गंभीरता को देखते हुए बस स्टैंड जोन से तत्काल एक दमकल वाहन मौके पर पहुंचा। हालात बेकाबू होते देख एक और फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाई गई। दो वाहनों की मदद से दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते बचाव कार्य शुरू होने से आग को पूरी बिल्डिंग में फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने स्कूल में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम न होने की हकीकत बयां कर दी है। स्थानीय प्रशासन और जागरूक नागरिकों का कहना है कि:
सार्वजनिक स्थलों पर आग से निपटने के लिए जो उपकरण होने चाहिए, वे मौके पर नाकाफी दिखे।
यदि स्कूल में छात्रों की अधिक भीड़ होती, तो यह एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।
दमकल विभाग पर पूरी तरह निर्भरता यह दर्शाती है कि स्कूल का अपना 'इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम' फेल रहा।
अधिकारियों का पक्ष: "फिलहाल आग लगने के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है, शॉर्ट सर्किट को प्राथमिक कारण माना जा रहा है। मामले की जांच जारी है और स्कूल में सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जाएगी।"







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