हाईवा यूनियन की हड़ताल हुई खत्म सच की खबर 24 ने चलाई थी हड़ताल खत्म होने की खबर
टीपी-पिट पास की विसंगतियों समेत कई मांगों पर चर्चा, कलेक्टर के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन; ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर विधायक ने जताई सख्ती
कटनी। खनिज परिवहन से जुड़ी समस्याओं और टीपी-पिट पास की विसंगतियों को लेकर पिछले 20 दिनों से चली आ रही हाइवा ट्रांसपोर्ट यूनियन की हड़ताल शुक्रवार को विधायक संदीप जायसवाल की समझाइश के बाद समाप्त हो गई। विधायक की अगुवाई में यूनियन पदाधिकारियों ने कलेक्टर के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपकर परिवहन के दौरान आ रही विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग रखी।
ज्ञापन में ट्रांसपोर्टरों ने खनिज विभाग के पोर्टल पर टीपी जारी होने के बावजूद ओवरलोडिंग की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट करने, रेत की टीपी में क्यूबिक मीटर और आरटीओ के रिकॉर्ड में जीवीडब्ल्यू के अंतर को दूर करने तथा खनिज परिवहन के दौरान विभिन्न विभागों की कार्रवाई से जुड़ी विसंगतियों का निराकरण करने की मांग की। ट्रांसपोर्टरों ने यह भी मांग रखी कि टीपी जारी करने वाले और खनिज प्राप्त करने वाले पक्ष की जिम्मेदारी भी तय की जाए।
कुछ मुद्दों पर बनी सहमति
बैठक और चर्चा के दौरान ट्रांसपोर्टरों की कई समस्याओं पर सकारात्मक चर्चा हुई। टीपी और पिट पास से जुड़ी तकनीकी एवं नियम संबंधी विसंगतियों को लेकर विधायक संदीप जायसवाल ने शासन स्तर पर पहल करने का आश्वासन दिया। ट्रांसपोर्टरों ने खनिज परिवहन के दौरान अनावश्यक रोक-टोक और जांच से होने वाली परेशानी का मुद्दा भी उठाया।
यूनियन ने मांग की कि सीमेंट प्लांटों और शासकीय निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले खनिज के परिवहन में अंडरलोड व्यवस्था तथा परिवहन भाड़े को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही खनिज परिवहन के नाम पर अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई।
ओवरलोडिंग पर विधायक की दो टूक
विधायक संदीप जायसवाल ने ट्रांसपोर्टरों से स्पष्ट कहा कि ओवरलोड वाहन नहीं चलने चाहिए और वाहनों में नियम विरुद्ध पटरा आदि लगाकर अतिरिक्त माल परिवहन न किया जाए। उन्होंने वाहन चालकों से गति नियंत्रित रखने की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है, इसलिए नियमों का पालन अनिवार्य है।
हड़ताल खत्म, समाधान की उम्मीद
हाइवा ट्रांसपोर्ट यूनियन ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन से समयबद्ध कार्रवाई की मांग की थी। विधायक की समझाइश और शासन स्तर पर पहल के आश्वासन के बाद यूनियन ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। अब ट्रांसपोर्टरों की निगाहें प्रशासन और शासन स्तर पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर हैं।

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