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चैक बाउंस मामले में कटनी अदालत का बड़ा फैसला: आरोपी को 6 माह की कैद और ₹11 लाख से अधिक का जुर्माना

सच की ख़बर 24।चैक बाउंस मामले में कटनी अदालत का बड़ा फैसला: आरोपी को 6 माह की कैद और ₹11 लाख से अधिक का जुर्माना

कटनी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (कटनी) अजय कुमार नागेश की अदालत ने धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने ₹6.50 लाख के चैक बाउंस मामले में अभियुक्त ऋषि सिकदर को दोषी ठहराते हुए 6 महीने के साधारण कारावास और ₹11,08,250 के प्रतिकर (मुआवजे) की सजा सुनाई है।

क्या है पूरा मामला?
मामले के अनुसार, परिवादी विक्रम सिंह यादव (डायरेक्टर, लक्ष्य फार्म्स एग्रीटेक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड) और अभियुक्त ऋषि सिकदर के बीच व्यावसायिक संबंध थे। परिवादी ने अपने फार्म हाउस के लिए पेड़-पौधे खरीदने हेतु अभियुक्त को कुल ₹6,50,000 की राशि एडवांस के रूप में दी थी।
पौधों की सप्लाई न करने पर जब एडवांस राशि वापस मांगी गई, तो आरोपी ऋषि सिकदर ने 05 नवंबर 2018 की तिथि का भारतीय स्टेट बैंक मुड़वारा कटनी शाखा का ₹6,50,000 का चैक प्रदान किया। परिवादी ने जब यह चैक बैंक में प्रस्तुत किया, तो खाते में अपर्याप्त राशि होने के कारण चैक अनादरित (बाउंस) हो गया।
कोर्ट में बचाव पक्ष के तर्क खारिज
विचारण के दौरान अभियुक्त ने दावा किया कि उसने यह चैक किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझेदारी में सिक्योरिटी के रूप में दिया था और उसका दुरुपयोग किया गया है। हालांकि, अदालत ने सबूतों व कानूनी प्रावधानों के आधार पर माना कि अभियुक्त अपने बचाव को साबित करने में विफल रहा और चैक कानूनी देनदारी के तहत ही जारी किया गया था।

अदालत का निर्णय
न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूर्ण करते हुए अभियुक्त को दोषी करार दिया और निम्नलिखित आदेश जारी किए:

कारावास: अभियुक्त ऋषि सिकदर को 06 माह का साधारण कारावास।

मुआवजा (प्रतिकर): चैक राशि ₹6,50,000 तथा उस पर 9% वार्षिक ब्याज दर जोड़ते हुए कुल ₹11,08,250 की राशि परिवादी को अदा करने के निर्देश।

अतिरिक्त सजा: मुआवजा राशि न देने की स्थिति में अभियुक्त को 1 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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