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मध्य प्रदेश राजस्व निरक्षक संघ ने उठाई मांग -नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर हो राजस्व निरीक्षको की पदोन्नति




आज मध्य प्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने मुख्य मांग नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर राजस्व निरीक्षको की पदोन्नति देने की मांग की है।   
मध्य प्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप त्रिसोलिया ने जानकारी देते हुए बताया कि आज कटनी जिला ईकाई ने एडीएम  नीलांबर मिश्रा जी को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगे रखी जिसमें नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर राजस्व निरीक्षको की पदोन्नति देने की मांग की है। 
संघ ने तत्संबंध में ज्ञापन के माध्यम से यह भी बताया कि अगर शासन पदोन्नति देते है तो इससे शासन को अतिरिक्त वित्तीय भार न्यूतम ही आएगा। वर्तमान में राजस्व निरीक्षक संवर्ग के अधिकांश अधिकारी/कर्मचारी नायब तहसीलदार के समकक्ष वेतनमान अथवा वेतन लाभ प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही ज्ञापन के माध्यम से शासन को संघ ने अवगत कराया कि राजस्व निरीक्षक संवर्ग के अधिकारी/कर्मचारी मैदानी स्तर पर राजस्व प्रशासन का वर्षों का व्यावहारिक एवं विभागीय अनुभव रखते हैं। अतः पदोन्नति के माध्यम से शासन को अनुभवी अधिकारी तत्काल उपलब्ध होंगे तथा उनके प्रशिक्षण में लगने वाले समय एवं संसाधनों की आवश्यकता भी अपेक्षाकृत कम होगी। 
साथ ही मध्यप्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ को उचित माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में नायब तहसीलदार के सीमित विभागीय भर्ती परीक्षा (लिपिक, पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक संवर्ग) के पदों को छोड़कर सीधी भर्ती के 538 पद तथा राजस्व निरीक्षक संवर्ग से पदोन्नति के 22 पद रिक्त हैं। इसी प्रकार नायब तहसीलदार (भू-संसाधन प्रबंधन) के सीधी भर्ती के 69 पद तथा राजस्व निरीक्षक संवर्ग से पदोन्नति के 43 पद रिक्त हैं।
इस प्रकार सीमित विभागीय भर्ती परीक्षा के पदों को छोड़कर नायब तहसीलदार के कुल 672 पद रिक्त हैं। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में राजस्व निरीक्षक संवर्ग में भी लगभग इतनी ही संख्या में राजस्व निरीक्षक कार्यरत हैं।
संघ ने अपनी सेवा कार्यशैली अनुभव के तहत बताया कि राजस्व निरीक्षक संवर्ग के अधिकारी/कर्मचारी मैदानी स्तर पर राजस्व प्रशासन का वर्षों का व्यावहारिक एवं विभागीय अनुभव रखते हैं। अतः पदोन्नति के माध्यम से शासन को अनुभवी अधिकारी तत्काल उपलब्ध होंगे तथा उनके प्रशिक्षण में लगने वाले समय एवं संसाधनों की आवश्यकता भी अपेक्षाकृत कम होगी।
अतः ज्ञापन में उल्लेखित बिंदुओं के माध्यम से संघ की मांगो पर शासन अवश्य ध्यान केंद्रित करेगा। उक्त ज्ञापन देते समय संघ के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्यों की उपस्थिति रही।

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