गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर *अखिल विश्व गायत्री परिवार, जिला
- कटनी* की टीम ने बिलहरी पहुंचकर, वहां के सबसे बड़े *तालाब लक्ष्मण सागर* को *जल जागरुकता एवं जल स्रोतों की सफाई* हेतु चुना । गांव वालों को इकट्ठा करके *वहां की गंदगी जो कि जल को प्रदूषित कर रही थी, घाटों को गंदा कर रही थी, साफ सुथरा निर्मल बनाने में लग गए ।* सभी गांव वालों ने भरपूर सहयोग दिया ।
ग्राम वासियों ने संकल्प* लिया कि *लक्ष्मण सागर तालाब का जल गंगाजल के समान पवित्र* बना कर ही रहेंगे । उन्होंने हर महीने इस तरह का बड़ा सफाई अभियान चलाने का संकल्प भी लिया ।
साफ - सफाई के पश्चात लोगों की *एक गोष्ठी* आयोजित की जिसमें *साफ - सफाई का महत्व तथा अपने जल स्रोतों को किस तरह से साफ रखें ।* उसमें कचरा डालने वालों को किस तरह से मना करें व *कचरे को जल में मिलने से किस तरह से बचाऐं* समझाया गया । फिर गंगा जल के समान पवित्र जल की पूजा अर्चना की तथा लोगों को *रोज सूर्य अर्घ* देने की विधि प्रयोगिक रूप से लोगों को दिखाया एवं समझाया गया ।
लोगों को बताया कि आपकी साफ सफाई के बाद यह जल पहले जैसा हो जाएगा, जब आप इस जल से खाना बनाते थे, भगवान को नहलाते थे, मंदिर में इसका उपयोग होता था । इस तरह का पवित्र जल फिर से करने की जिम्मेदारी आप सभी बिलहरी वासियों की है । सभी बिलहरी वासियों ने संकल्प लिया कि हर महीने इस तालाब को पूरी तरह से साफ सुथरा रखा जाएगा । ना गंदगी फैलाएंगे ना किसी को फैलाने देंगे
*हर महीने एक बड़ा कार्यक्रम गायत्री परिवार का यहां पर किया जाएगा ।*इन सभी कार्यक्रमों को करने में गायत्री परिवार के कमल राज अग्रवाल, लव सिंह चौहान, दहिया बाबूजी, राकेश निषाद, वेदांत निषाद, गजेंद्र चौरसिया इत्यादि गायत्री परिजनों ने अपना योगदान दिया

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